भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (ट्रेड फेयर) के लिए टिकटों की बुकिंग दो चरणों में की जाएगी। पहले चरण में 12 नवंबर से व्यापारी वर्ग के लोग टिकट खरीद सकेंगे, जबकि 15 नवंबर से दिल्ली-एनसीआर के 65 मेट्रो स्टेशन पर आम लोगों के लिए टिकटों की बिक्री शुरू होगी।
भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) के सीएमडी एलसी गोयल का कहना है कि 14 नवंबर से शुरू होने वाले ट्रेड फेयर में पहले पांच दिन व्यापारियों के लिए निर्धारित होंगे। उसके बाद 19 नवंबर से आम लोगों के लिए एंट्री खोली जाएगी। टिकटों की बिक्री ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से की जाएगी।
मेले में प्रतिदिन 35 से 40 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना है, जिसे देखते हुए कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। मेले के अंदर एक काउंटर से दूसरे काउंटर की पर्याप्त दूरी रखी जाएगी। आईटीपीओ की तरफ से बुधवार को प्रगति मैदान में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएमडी ने बताया कि ऑफ लाइन टिकटों की बिक्री के लिए पांच स्टेशन बढ़ाए गए हैं।
हर वर्ष 60 मेट्रो स्टेशन पर मेले के लिए टिकटों की बिक्री होती थी, लेकिन इस बार यह संख्या बढ़ाकर 65 की गई है। पांच स्टेशन बढ़ाने के लिए डीएमआरसी में बात हो गई है। एक-दो दिन में डीएमआरसी स्टेशन तय करके जानकारी सार्वजनिक करेगी। इसके साथ ही ऑनलाइन www.bookmyshow.com वेबसाइट पर जाकर भी टिकट खरीदे जा सकेंगे।
वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगों के लिए कोई शुल्क नहीं होगा। सीएमडी ने बताया कि हमारी पहली प्राथमिकता मेले में आने वाले लोगों को कोरोना प्रोटोकॉल के तहत नियंत्रित करना और सामाजिक दूरी का पालन कराना। इसको लेकर विशेष इंतजाम किए हैं। मास्क लगाने और सैनिटाइजेशन के बाद ही किसी भी व्यक्ति को प्रगति मैदान में प्रवेश की इजाजत मिलेगी।
मेला सुरक्षित तरीके से आयोजित हो इसके लिए इस बार 73 हजार वर्ग मीटर में मेला आयोजित होगा जो कि पहले करीब 23-2500 वर्ग मीटर में लगता था। कोरोना को देखते हुए तीन गुना क्षेत्रफल में मेले का आयोजन किया जाएगा। इंटरनेशनल एग्जिबिशन कम कंवेंशन सेंटर की नए हॉल का इस्तेमाल भी मेले के लिए किया जा रहा है।
डीटीसी डिपो और नेशनल स्टेडियम में बनेगी पार्किंग
मेले को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना है, जिसे देखते हुए रिंग रोड पर डीटीसी डिपो और नेशनल स्टेडियम में आम लोगों के लिए पार्किंग बनाई जाएगी। जहां पर कार पार्क कर सकेंगे। इसके बाद प्रगति मैदान तक आने के लिए बस सेवा उपलब्ध होगी। मेले में हिस्सा लेने वाली कंपनियों के लिए भैरों मार्ग पर पार्किंग दी जाएगी जबकि वीवीआईपी के लिए प्रगति मैदान के अंदर पार्किंग उपलब्ध होगी।
नौ देशों की 40 कंपनियां हिस्सा लेंगी
मेले के अंदर अफगानिस्तान, बांग्लादेश, बहरीन, किर्गिस्तान, नेपाल, श्रीलंका, यूएई, तंजानिया और तुर्की से 40 कंपनियां मेले में हिस्सा ले रही है। विदेशी कंपनियों के साथ ही आत्मनिर्भर भारत की थीम पर लगने जा रहे मेले में स्वदेशी उत्पादों की भरमार रहेगी। खासकर हस्तशिल्प से जुड़े उत्पाद भी मेले में आएंगे। इसके साथ ही मेक इन इंडिया के तहत तैयार उत्पाद भी विभिन्न राज्यों की तरफ से लाए जाएंगे।







