सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट ट्विन टावर बनाने को लेकर नियमों को ताक पर रखकर दी गई मंजूरी व भ्रष्टाचार की आशंका के मामले में बुधवार को दो अधिकारियों के आरोपपत्र आ गए हैं। आरोपपत्र रिसिव करने के बाद अधिकारियों को 15 दिन में जवाब देना होगा। बचे अधिकारियों के आरोपपत्र भी दो-तीन दिन में आने की उम्मीद है। फरवरी महीने में ही नोएडा प्राधिकरण ने 11 अधिकारियों के आरोपपत्र तैयार कर शासन को भेजे थे।
प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि नियोजन विभाग के एक मैनेजर मुकेश गोयल सहित दो अधिकारियों के आरोपपत्र शासन ने नोएडा प्राधिकरण को भेजा है। प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि संबंधित अधिकारी को ये आरोपपत्र रिसीव कराया जाए। संबंधित अधिकारी पहले नोएडा प्राधिकरण में कार्यरत थे, करीब पांच महीने पहले इनका तबादला गोरखपुर प्राधिकरण कर दिया गया था। इसके बाद वहां से निलंबित कर दिया गया।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि अब बाकी अधिकारियों के आरोपपत्र भी शासन स्तर से जल्द जारी हो जाएंगे। उम्मीद है कि दो-तीन दिन के अंदर सभी संबंधित अधिकारियों को आरोप पत्र जारी कर दिए जाएंगे। अब आरोप पत्र रिसीव होने के 15 दिन में संबंधित अधिकारियों को जवाब देना होगा।
ट्विन टावर मामले में विभागीय जांच तत्कालीन 24 अधिकारियों के खिलाफ चल रही है। पीसीएस स्तर तक के अधिकारियों की जांच नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ प्रवीण कुमार को सौंपी गई है। आरोपी अधिकारियों में तत्कालीन सीईओ रहे मोहिंदर सिंह, एस के दि्वेदी व एसीईओ आर पी अरोड़ा, ओएसडी यशपाल सिंह सहित एसआईटी की जांच में आए अन्य 20 नाम प्राधिकरण के पूर्व व मौजूदा अधिकारियों के शामिल हैं। चार अधिकारी मौजूदा समय में सेवा में हैं। इनमें एक गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण के प्लानिंग मैनेजर मुकेश गोयल, नोएडा प्राधिकरण की प्लानिंग असिस्टेंट विमला सिंह, यूपीएसआईडीसी में तैनात प्लानिंग असिस्टेंट अनीता व यमुना प्राधिकरण के प्रभारी जीएम प्लानिंग ऋतुराज हैं। इन चारों को शासन स्तर पर इस प्रकरण में निलंबित किया जा चुका है।
विजिलेंस जांच भी चल रही
इस मामले में ही विजिलेंस की जांच अलग से चल रही है। लखनऊ विजिलेंस में प्राधिकरण की तरफ से दर्ज करवाई गई एफआईआर में इन अधकारियों के साथ सुपरटेक ग्रुप के चार डॉयरेक्टर और दो आर्किटेक्ट के नाम भी शामिल हैं।







