राजधानी दिल्ली में साइबर थाने की पुलिस ने कोविड-19 आरटीपीसीआर की फर्जी रिपोर्ट तैयार करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने एक कंप्यूटर और दो मोबाइल बरामद किए हैं। आरोपियों की पहचान आमिर अंसारी और मोहम्मद अनस के रूप में हुई है। दोनों आरोपी ओखला के रहने वाले हैं।
डीसीपी बेनिता मेरी जेकर ने बताया कि एक शिकायतकर्ता ने साइबर सेल थाने में मामला दर्ज कराया था। इसके मुताबिक लैब्सर डायग्नोस्टिक्स नाम की लैब आरटीपीसीआर परीक्षण करती है। उन्हें सत्यापन के लिए एक आरटीपीसीआर परीक्षण की रिपोर्ट मिली थी। जांच में पता चला कि कथित रिपोर्ट उनकी प्रयोगशाला द्वारा बनाई ही नहीं गई थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत की। शिकायतकर्ता ने बताया कि एक रिपोर्ट का सत्यापन करने के दौरान पता चला कि कोई व्यक्ति उनकी लैब के नाम पर झूठी रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
प्रति रिपोर्ट एक हजार रुपये लेता था
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह नकली आरटीपीसीआर परीक्षण रिपोर्ट का मसौदा तैयार करता था और ग्राहकों के पक्ष में सकारात्मक या नकारात्मक के रूप में उन्हें प्रदान करता था। वह प्रति रिपोर्ट एक हजार रुपये लेता था। आरोपी ने बताया कि लैब की मूल रिपोर्ट को वर्ड डॉक्यूमेंट में बदल देता था, फिर आवश्यकता के अनुसार उसे बदलाव कर एक क्यूआर कोड संलग्न करता था। यूट्यूब से उसने क्यूआर कोड आधारित रिपोर्ट तैयार करना सीखा था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उस आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया, जो उसके पास ऑर्डर लेकर आता था। पुलिस अब पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।







