उत्तर प्रदेश के रायबरेली के सरेनी इलाके में पटाखों में आग लगने से 4 नाबालिग बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए है। जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
पुलिस सूत्रों से शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार, सरेनी के मलकेपुर गांव में एक पटाखों का व्यवसाय करने वाली महिला के घर में रखे पटाखों में आग लग गई। इस दौरान वहां पर मौजूद चार नाबालिग बच्चे गम्भीर रूप से झुलस गए हैं। जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया है। बताया गया गया कि मलकेपुर गांव में एक महिला नसरीन (45) पटाखों की व्यवसायी है। उनके घर में कुछ पटाखों का भंडार था। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि महिला के पास पटाखों का लाइसेंस था। नसरीन के घर पर आज सुबह अचानक किन्ही कारणों से पटाखों में आग लग गई। जिसकी चपेट में आकर मनीष (15), गोविंद (10), तीजा (8), और सौरभ (12) गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस दुर्घटना की सूचना पुलिस को करीब साढ़े ग्यारह बजे मिली। बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। जिला अस्पताल में बच्चों के साथ पुलिस फोर्स भी रवाना हुई है और नसरीन के घर पर भी पुलिस फोर्स मौजूद हैं। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। हालांकि अभी तक इस बाबत पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली है, इसलिए अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।







