नैनीतालः उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में कैलाश मानसरोवर मार्ग पर भारी भरकम चट्टान और मलबे के नीचे दबे लोगों को ढ़ूंढ़ने के लिए राहत और बचाव कार्य सोमवार सुबह पुन: शुरू हो गया है। चिकित्सा टीम को भी मौके के लिए रवाना किया गया है।
जानकारी के अनुसार, तवाघाट-लिपूलेख मार्ग पर रविवार को एक भारी भरकम चट्टान भरभरा कर एक यात्री वाहन पर गिर गयी थी। वाहन में छह से नौ लोग सवार बताये जा रहे हैं। सभी चट्टान और मलबे के नीचे दबे गये हैं। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था लेकिन लोगों को निकालने में सफलता हाथ नहीं लगी। सुरक्षा की दृष्टि से रात को राहत और बचाव कार्य बंद कर दिया गया। सोमवार सुबह पुन: राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन बल (एसडीआरएफ) और एनडीआरएफ के साथ ही एसएसबी की टीम मौके पर जुटी है। जिला प्रशासन की ओर से चिकित्सा की एक टीम को भी मौके पर भेजा गया है।
बताया जा रहा है कि मलबे में दबएए लोगों के बचने की उम्मीद कम है। इस घटना के बाद लोगों और विभिन्न संगठनों में सीमा सड़क संगठन और निजी कंपनी के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। बता दें कि व्यापारियों की ओर से विरोध में सोमवार को बाजार बंद करने का निर्णय लिया गया था जिसे अंत समय से टाल दिया गया है। अब व्यापारियों की ओर से एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा।







