। 2007 वनडे वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का बुरा हश्र हुआ था। दिग्गजों खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम ग्रुप स्टेज में ही टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। हार से फैन्स में आक्रोश था और जगह-जगह खिलाड़ियों के पुतले फूंके जा रहे थे। टी-20 क्रिकेट का उस समय इंटरनेशनल क्रिकेट में जन्म ही हुआ था और आईसीसी ने इस फॉर्मेट में विश्व कप करवाने का एलान कर दिया था, जिसकी मेजबानी साउथ अफ्रीका को सौंपी गई थी।
वनडे वर्ल्ड कप के शर्मनाक प्रदर्शन के दाग को टी-20 में धो डालने का सुनहरा मौका था। फटाफट क्रिकेट के पहले विश्व कप से सीनियर खिलाड़ियों ने परहेज किया, तो सेलेक्टर्स ने युवा टीम खड़ी की, जिसकी अगुआई एमएस धोनी के हाथों में सौंपी गई। युवराज, हरभजन और सहवाग जैसे सरीखे प्लेयर्स के टीम में होने के बावजूद माही को कप्तानी दिए जाने के फैसले पर भी सवाल उठे। हालांकि, साउथ अफ्रीका की धरती पर धोनी ने युवा ब्रिगेड के साथ जो कमाल करके दिखाया, वो इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में लिख उठा।
टी-20 वर्ल्ड कप के दूसरे ही मैच में भारत का सामना पाकिस्तान से हुआ। भारतीय टीम ने स्कोर बोर्ड पर 9 विकेट खोकर 141 रन टांगे। हालांकि, इसके जवाब में पाकिस्तान भी 7 विकेट गंवाकर 141 रन बनाने में सफल रही। यानी मैच टाई हो गया। उन दिनों सुपर ओवर का नियम लागू नहीं था। ऐसे में बॉलआउट से मैच का नतीजा तय होना था।
बॉलआउट में टीम इंडिया की पहली बार कप्तानी कर रहे एमएस धोनी की चतुराई दिखी और उन्होंने गेंदबाजों की बजाय स्टंप को आसानी से हिट कर पाने वाले पार्ट टाइम बॉलर्स का इस्तेमाल किया। माही खुद विकेट के पीछे घुटने के बल बैठ गए, ताकि गेंदबाज को विकेट की हाइट का अंदाजा रहे। माही का दांव एकदम फिट बैठा और टीम इंडिया बाजी मारने में सफल रही।
इंग्लैंड-साउथ अफ्रीका को दी मात
न्यूजीलैंड से हारने के बाद सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारतीय टीम के लिए बचे हुए दोनों ही मैचों में जीत जरूरी हो गई थी। इंग्लैंड के खिलाफ युवराज सिंह के बल्ले ने आग उगली और युवी ने स्टुअर्ट ब्रॉड के ओवर में छह छक्के लगाते हुए महज 12 गेंदों पर फिफ्टी ठोकी। इंग्लिश टीम को भारत 18 रन से हराने में सफल रहा। वहीं, साउथ अफ्रीका मुश्किल हालात में कप्तान धोनी टीम के लिए मसीहा बने और उन्होंने 45 रन की बेहतरीन पारी खेली। सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि इस मुकाबले में माही की फील्डिंग सेटिंग और गेंदबाजों को शानदार तरीके से यूज करने को लेकर भी जमकर तारीफ हुई। जीत भारत की झोली में आई में धोनी की कप्तानी में टीम ने सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया।







