यूक्रेन में रूसी सैनिकों की ओर से यौन हिंसा की शिकायतें काफी समय से आ रही हैं। कथित तौर पर बलात्कार का शिकार महिलाओं के साथ ही पुरुष और लड़के भी हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र और यूक्रेन के अधिकारियों का कहना है कि ऐसे कई मामलों की जांच पहले से ही जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध में यौन हिंसा पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि प्रमिला पैटन ने कहा, “यूक्रेन में पुरुषों और लड़कों के खिलाफ भी यौन हिंसा की रिपोर्ट मिली है, लेकिन ऐसे मामलों को अभी तक सत्यापित नहीं किया गया है।”
पैटन ने कहा कि बलात्कार पीड़ितों के लिए अपराध की रिपोर्ट करना और भी कठिन हो सकता है। उन्होंने कहा, “महिलाओं और लड़कियों के लिए इसे रिपोर्ट करना मुश्किल है। वहीं, पुरुषों और लड़कों के लिए रिपोर्ट करना अक्सर और भी कठिन होता है। हमें सभी पीड़ितों के लिए यौन हिंसा के मामलों की रिपोर्ट करने के लिए सुरक्षित माहौल बनाना होगा।”
दर्जनों मामलों की चल रही जांच
यूएन प्रतिनिधि ने कहा कि जांच के तहत दर्जनों मामले दर्ज हैं, लेकिन हकीकत संख्या इससे ज्यादा होगी। उन्होंने लोगों से आगे आने की अपील की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपराधियों को खोजने और उन्हें सजा दिलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आज के दस्तावेज कल का अभियोजन होंगे।
सभी उम्र के लोगों के खिलाफ यौन हिंसा
यूक्रेन की अभियोजक जनरल इरीना वेनेडिक्तोवा ने कहा कि उनके कार्यालय ने रूसी सैनिकों द्वारा बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी उम्र के पुरुषों और महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा की रिपोर्ट एकत्र की है। संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए वेनेदिक्तोवा ने कहा कि मॉस्को ने नागरिक समाज को डराने के लिए जानबूझकर रणनीति के रूप में बलात्कार का इस्तेमाल किया है। यह निश्चित रूप से नागरिकों को डराने के लिए है। यूक्रेन को मजबूर करने और आत्मसमर्पण कराने के लिए है।







