पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2021 के पहले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों इंग्लैंड की हार की समीक्षा करते हुए कहा है कि कप्तान इयोन मोर्गन की टीम डेथ ओवरों में लगातार संघर्ष कर रही है। न्यूजीलैंड को बुधवार को अबुधाबी के शेख जायेद स्टेडियम में मैच जीतने के लिए अंतिम चार ओवर में 57 रन बनाने थे, लेकिन कीवी टीम ने एक ओवर ही पहले ही जीत अपने नाम कर ली। तेज गेंदबाज क्रिस जॉर्डन ने 17वें ओवर में 23 रन खर्च कर डाले, जोकि इंग्लैंड की हार की एक बड़ी वजह रही। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार ओवर में 166 रन का स्कोर बनाया, जिसे न्यूजीलैंड ने डेरिल मिचेल के नॉटआउट 72 रनों की मैच विनिंग पारी की बदौलत हासिल कर लिया।
नासिर हुसैन ने डेली मेल के लिए अपने कॉलम में लिखते हुए कहा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ इंग्लैंड का सेमीफाइनल ठीक उसी तरह से समाप्त हुआ, जैसा कि 2016 टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल। उन्होंने आगे लिखा, ‘जिस तरह से इंग्लैंड को अपने टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में डेथ बॉलिंग की कीमत चुकानी पड़ी थी, जब बेन स्टोक्स के ओवर में लगातार चार छक्के लगाए गए थे, बुधवार को भी ठीक वैसा ही हुआ। यह उनके खेल का एक पहलू है कि इंग्लैंड की यह टीम डेथ ओवरों में लगातार सही नहीं कर रही है। इस सेमीफाइनल में 17वें ओवर तक इंग्लैंड के लिए सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन क्या क्रिस जॉर्डन यह स्वीकार करेंगे कि उन्होंने गलत किया।’
हुसैन का मानना है कि क्रिस जॉर्डन औसत दर्जे के साबित हुए। उन्होंने कहा कि टायमल मिल्स के चोटिल हो जाने के बाद डेविड विली इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी आक्रमण में विविधता ला सकते थे। पूर्व कप्तान ने कहा, ‘क्रिकेट में एक पुरानी मान्यता है कि आप एक बेहतर खिलाड़ी तब बनते हैं जब आप स्क्वॉड में नहीं होते हैं। जेसन रॉय के बाहर होने के बाद डेविड विली को एक बार खिलाना चाहिए था ताकि इंग्लैंड को एक और गेंदबाजी विकल्प मिल सके।’







