• Home
  • Disclamer
  • Programs
  • Bank Details
  • Contact us
Janlok India Times news
Advertisement
  • होम
  • मुख्य समाचार
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • कश्मीर
    • जम्मू
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • सिक्किम
  • बड़ी खबरे
  • दिल्ली एनसीआर
  • कोरोना
  • विदेश
  • राजनीति
  • विशेष
  • Youtube Channel
  • Live Tv
  • More
    • स्वास्थ्य
    • व्यापार
    • खेल
    • मनोरंजन
    • राशिफल
No Result
View All Result
  • होम
  • मुख्य समाचार
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • कश्मीर
    • जम्मू
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • सिक्किम
  • बड़ी खबरे
  • दिल्ली एनसीआर
  • कोरोना
  • विदेश
  • राजनीति
  • विशेष
  • Youtube Channel
  • Live Tv
  • More
    • स्वास्थ्य
    • व्यापार
    • खेल
    • मनोरंजन
    • राशिफल
No Result
View All Result
Janlok India Times news
No Result
View All Result

बंगाल चुनाव से पहले नेताजी की विरासत को लेकर मची होड़, तृणमूल कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने

Janlok News Bureau by Janlok News Bureau
January 25, 2021
in पश्चिम बंगाल, राजनीति
0
बंगाल चुनाव से पहले नेताजी की विरासत को लेकर मची होड़, तृणमूल कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच शनिवार को होड़ मच गई। मौका था नेताजी के 125वीं जयंती का और दोनों ने इसका राजनीतिक फायदा लेने के लिए राज्य भर में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख एवं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में नेताजी की जयंती पर एक भव्य जुलूस निकाला और उनकी पार्टी ने देश नायक दिवस मनाया, तो वहीं भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वतंत्रता सेनानी की जयंती मनाने के वास्ते ”पराक्रम दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया।

प्रधानमंत्री की उपस्थिति के कारण विक्टोरिया मेमोरियल में आयोजित कार्यक्रम खास तो बन गया लेकिन ममता बनर्जी की उपस्थिति के कारण रंग में भंग पड़ गया। यह उस समय हुआ जब मुख्यमंत्री को संबोधन के लिए आमंत्रित किया गया। इसी बीच वहां मौजूद कुछ उत्साही लोगों ने ”जय श्री राम” के नारे लगाए और इससे बनर्जी उखड़ गई और इसे अपना अपमान बताते हुए वह मंच से नीचे चली आई।

बनर्जी ने कहा कि कि ऐसा ”अपमान” अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, ”यह एक सरकारी कार्यक्रम है, कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं। एक गरिमा होनी चाहिए। किसी को लोगों को आमंत्रित करके अपमानित करना शोभा नहीं देता। मैं नहीं बोलूंगी। जय बंगला, जय हिंद।” हालांकि इस दौरान प्रधानमंत्री चुपचाप रहे और उन्होंने कार्यक्रम के अनुसार अपना संबोधन पूरा किया और बंगाल के लोगों को आजादी के आंदोलन में नेताजी के योगदान की याद दिलाई और एहसास कराने की कोशिश की कि उनकी सरकार उनके आदर्शों पर चलते हुए आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की परिकल्पना को पूरा करने की कोशिशों में जुटी हुई है।

इससे पहले, नेताजी के पैतृक घर पर बोस को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, बनर्जी ने योजना आयोग को समाप्त करने के लिए केंद्र की आलोचना की, जो उनके अनुसार, नेताजी की अवधारणा थी। बनर्जी ने नेताजी भवन में अपने भाषण में कहा, ”स्वतंत्र भारत में नेताजी द्वारा परिकल्पित राष्ट्रीय योजना आयोग को क्यों भंग कर दिया गया? हमारी सरकार द्वारा नेताजी के जन्मदिन पर राष्ट्रीय अवकाश की मांग क्यों पूरी नहीं की गई?”

योजना आयोग की स्थापना मार्च, 1950 में की गई थी। केन्द्र की मोदी सरकार ने 2014 में इसे भंग कर दिया था और नीति आयोग का गठन किया था। बनर्जी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री से पूछेंगी कि योजना आयोग की जगह नीति आयोग क्यों लाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने बोस को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी और कहा कि एक कृतज्ञ राष्ट्र हमेशा उसकी स्वतंत्रता के लिए उनके बलिदान और समर्पण को याद रखेगा। 

प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ”महान स्वतंत्रता सेनानी और भारत माता के सच्चे सपूत, नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि।” इस बीच भाजपा ने नेताजी की जयंती मनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। भाजपा ने पराक्रम दिवस मनाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए। मुख्यमंत्री बनर्जी ने आरोप लगाया कि केन्द्र ने नेताजी की जयंती को ‘देश नायक दिवस’ के रूप में मनाने की उनकी सरकार की मांग को पूरा नहीं किया। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ”हमें उनसे (ममता बनर्जी) सीखने की जरूरत नहीं है कि इस दिन को कैसे मनाया जाए।”

इसी साल राज्य में विधानसभा के चुनाव होने हैं। तृणमूल कांग्रेस जहां ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य की सत्ता में वापसी करने की कोशिश कर रही है, वहीं भाजपा उन्हें सत्ता से हटाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा को राज्य की 42 में से 18 सीटों पर मिली जीत ने उसका उत्साह और बढ़ा दिया है। इसके ऊपर ममता सरकार के कई मंत्री और पार्टी के कई नेताओं के भाजपा में शामिल होने से उसकी रणनीति को और बल ही ही मिला है

Previous Post

ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक ने दी चुनौती- परिवारवाद के खिलाफ कानून लाएं मोदी तो छोड़ दूंगा राजनीति

Next Post

नीतीश ने किया इशारा, कर्पूरी ठाकुर की तरह मुझे भी कार्यकाल के बीच में ही CM पद से हटाया जा सकता है

Janlok News Bureau

Janlok News Bureau

Next Post
BJP के कारण मंत्रिमंडल विस्तार में देरी! सीएम नीतीश का दो टूक जवाब, हमारे कार्यकाल में अभी तक ऐसा नहीं हुआ

नीतीश ने किया इशारा, कर्पूरी ठाकुर की तरह मुझे भी कार्यकाल के बीच में ही CM पद से हटाया जा सकता है

Browse by Category

  • Top News
  • Uncategorized
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • कथा-कहानी
  • कविता
  • कश्मीर
  • खेल
  • ग़ज़ल
  • जम्मू
  • दिल्ली एनसीआर
  • पश्चिम बंगाल
  • बड़ी खबरें
  • बिहार
  • मध्य प्रदेश
  • मनोरंजन
  • मनोरंजन
  • महाराष्ट्र
  • महिला
  • मीडिया
  • मुख्य समाचार
  • युवा
  • राजनीति
  • राजस्थान
  • राज्य
  • राशिफल
  • विदेश
  • विशेष
  • वीडियो गैलरी
  • व्यंग्य
  • व्यापार
  • सिक्किम
  • स्वास्थ्य
  • हरियाणा
  • हिमाचल प्रदेश
  • Home
  • Disclamer
  • Programs
  • Bank Details
  • Contact us

Copyright © 2020 Janlokindiatimes.com | This is Owned By Janlok India Times

No Result
View All Result
  • होम
  • मुख्य समाचार
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • कश्मीर
    • जम्मू
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • सिक्किम
  • बड़ी खबरे
  • दिल्ली एनसीआर
  • कोरोना
  • विदेश
  • राजनीति
  • विशेष
  • Youtube Channel
  • Live Tv
  • More
    • स्वास्थ्य
    • व्यापार
    • खेल
    • मनोरंजन
    • राशिफल

Copyright © 2020 Janlokindiatimes.com | This is Owned By Janlok India Times