• Home
  • Disclamer
  • Programs
  • Bank Details
  • Contact us
Janlok India Times news
Advertisement
  • होम
  • मुख्य समाचार
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • कश्मीर
    • जम्मू
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • सिक्किम
  • बड़ी खबरे
  • दिल्ली एनसीआर
  • कोरोना
  • विदेश
  • राजनीति
  • विशेष
  • Youtube Channel
  • Live Tv
  • More
    • स्वास्थ्य
    • व्यापार
    • खेल
    • मनोरंजन
    • राशिफल
No Result
View All Result
  • होम
  • मुख्य समाचार
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • कश्मीर
    • जम्मू
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • सिक्किम
  • बड़ी खबरे
  • दिल्ली एनसीआर
  • कोरोना
  • विदेश
  • राजनीति
  • विशेष
  • Youtube Channel
  • Live Tv
  • More
    • स्वास्थ्य
    • व्यापार
    • खेल
    • मनोरंजन
    • राशिफल
No Result
View All Result
Janlok India Times news
No Result
View All Result

15 साल में उज्जैन में 34 से बढ़कर 54 हजार हुई गरीबों की संख्या, अब होगी जांच

Janlok News Bureau by Janlok News Bureau
November 6, 2020
in बड़ी खबरें, मध्य प्रदेश
0
15 साल में उज्जैन में 34 से बढ़कर 54 हजार हुई गरीबों की संख्या, अब होगी जांच

देश में गरीबों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब हाल ही में मध्यप्रदेश के उज्जैन में गरीबों की संख्या को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई है, जो वाकई चौंका देने वाली है। दरअसल, उज्जैन में 15 सालों में गरीब परिवारों की संख्या बढ़कर  54,723 हो गई है, जो पहले 34,500 थी। शहर में करीब 1,03,792 परिवार रहते हैं, जिनमें से 54 हजार से ज्यादा परिवार गरीबी में अपना जीवन यापन कर रहे हैं। यानी इन 15 सालों में गरीबी में 58 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हालांकि, अब सवाल यह उठता है कि क्या वाकई में शहर में इतने परिवार गरीबी रेखा में हैं, या फिर फर्जी तरीके से इनके नाम गरीबी रेखा की लिस्ट में जोड़े गए हैं।

 बता दें, उज्जैन नगर निगम की एक रिपोर्ट की मानें तो राज्य सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों का 15 साल पहले साल 2004-05 में सर्वे कराया था। तब गरीबी रेखा की सूची में 35,500 परिवारों के नाम शामिल किए गए थे, हालांकि, साल 2010 तक इस सूची में ना किसी का नाम जोड़ा गया और ना ही काटा गया। अब हाल ही में कलेक्टरों ने सूची में नए नाम जोड़ने और गरीबी से अमीरी की ओर बढ़े परिवारों के नाम सूची से काटने का काम अनुविभागीय अधिकारियों से कराया था।

इस व्यवस्था के आने के बाद जो आंकड़े सामने आए हैं, वह वाकई चौंकाने वाले हैं क्योंकि गरीब परिवारों की संख्या घटने की बजाय 58 फीसदी बढ़ गई है।अब इस मामले में कलेक्टर आशीष सिंह ने बीपीएल परिवारों का नए सिरे से सत्यापन करने के निर्देश एसडीएम को दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि अपात्र लोगों के पंचनामे बनाकर सूचीबद्ध किया जाए।

Previous Post

निकिता मर्डर केस में SIT ने 11 दिन में दाखिल की 700 पेज की चार्जशीट, 60 को बनाया गवाह

Next Post

अस्पताल में लापरवाही के चलते बदले शव, कोरोना और चुनाव में दब गई जांच

Janlok News Bureau

Janlok News Bureau

Next Post
अस्पताल में लापरवाही के चलते बदले शव, कोरोना और चुनाव में दब गई जांच

अस्पताल में लापरवाही के चलते बदले शव, कोरोना और चुनाव में दब गई जांच

Browse by Category

  • Top News
  • Uncategorized
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • कथा-कहानी
  • कविता
  • कश्मीर
  • खेल
  • ग़ज़ल
  • जम्मू
  • दिल्ली एनसीआर
  • पश्चिम बंगाल
  • बड़ी खबरें
  • बिहार
  • मध्य प्रदेश
  • मनोरंजन
  • मनोरंजन
  • महाराष्ट्र
  • महिला
  • मीडिया
  • मुख्य समाचार
  • युवा
  • राजनीति
  • राजस्थान
  • राज्य
  • राशिफल
  • विदेश
  • विशेष
  • वीडियो गैलरी
  • व्यंग्य
  • व्यापार
  • सिक्किम
  • स्वास्थ्य
  • हरियाणा
  • हिमाचल प्रदेश
  • Home
  • Disclamer
  • Programs
  • Bank Details
  • Contact us

Copyright © 2020 Janlokindiatimes.com | This is Owned By Janlok India Times

No Result
View All Result
  • होम
  • मुख्य समाचार
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • कश्मीर
    • जम्मू
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • सिक्किम
  • बड़ी खबरे
  • दिल्ली एनसीआर
  • कोरोना
  • विदेश
  • राजनीति
  • विशेष
  • Youtube Channel
  • Live Tv
  • More
    • स्वास्थ्य
    • व्यापार
    • खेल
    • मनोरंजन
    • राशिफल

Copyright © 2020 Janlokindiatimes.com | This is Owned By Janlok India Times