दिल्ली उच्च न्यायालय ने भोजनालय और आवास संबंधी लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन करने वाले राष्ट्रीय राजधानी के जनपथ स्थित ली मेरिडियन होटल के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई करने से प्राधिकारियों को रोक दिया है। उच्च न्यायालय ने संयुक्त पुलिस आयुक्त (लाइसेंसिंग) को निर्देश दिया कि वह होटल ली मेरिडियन का संचालन करने वाली ‘सी जे इंटरनेशनल लिमिटेड’ के ‘भोजनालय लाइसेंस’ और ‘आवास लाइसेंस’ के नवीकरण के आवेदन पर स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस पर जोर दिए बिना कार्रवाई करें।
मामले की पृष्ठभूमि और याचिका का उद्देश्य
याचिकाकर्ता का स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस 2017 में रद्द कर दिया गया था और जब उसने प्राधिकारियों के फैसले को चुनौती दी तो उच्च न्यायालय ने लाइसेंस रद्द करने के उस आदेश पर रोक लगा दी जो अब भी कायम है। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने बृहस्पतिवार को होटल प्रबंधन की याचिका पर संयुक्त पुलिस आयुक्त (लाइसेंसिंग) और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया। होटल प्रबंधन भोजनालय लाइसेंस और आवास प्रतिष्ठान लाइसेंस को नवीनीकृत करने से अधिकारियों के इनकार या निष्क्रियता के कारण परेशान है। अदालत ने प्राधिकारियों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया और मामले की अगली सुनवाई के लिए पांच अगस्त की तारीख तय की।
अदालत के निर्देश और अंतरिम राहत
अदालत ने कहा, ‘‘प्रतिवादी संख्या एक और दो (पुलिस प्राधिकारियों) को स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस पर जोर दिए बिना भोजनालय लाइसेंस और आवास प्रतिष्ठान लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए याचिकाकर्ताओं के आवेदन पर कार्रवाई करनी चाहिए। इसके अलावा, सुनवाई की अगली तारीख तक प्रतिवादियों को याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई करने से रोका गया है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से दिल्ली सरकार को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वह होटल से पहले से नवीनीकृत आबकारी लाइसेंस से संबंधित स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस प्रस्तुत करने के लिए नहीं कहे।