नई दिल्ली। कृत्रिम वर्षा की चर्चा के बीच सामान्य वर्षा ने ही दिल्ली एनसीआर में सात दिन से कुंडली मारकर बैठे प्रदूषण की कमर तोड डाली। महज 24 घंटे भीतर दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) में 158 अंकों की कमी दर्ज की गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में शनिवार को सुबह वायु गुणवत्ता का स्तर 224 पर आ गया है जो शुक्रवार को 400 के पार पहुंच गया था।
रुक- रुककर दिनभर चल वर्षा का दौर
बृहस्पतिवार को दिल्ली की हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में थी। लेकिन, शुक्रवार को यह दो पायदान नीचे उतरकर यह ‘खराब’ श्रेणी में आ गई है। शुक्रवार सुबह दिल्ली वासी सोकर उठे तो बाहर का नजारा बदला सा था। पिछले एक सप्ताह से जहरीली हवा में सांस ले रहे लोगों को हवा साफ मिली तो हल्की वर्षा से सबकुछ धुला धुला सा लग रहा था। चूंकि वर्षा का दौर बाद में भी रुक- रुककर दिनभर चल, इससे वातावरण में मौजूद प्रदूषक कण काफी हद तक धुल गए।
दिल्ली का वातावरण साफ
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली का एक्यूआइ 279 रहा। इस स्तर की हवा को ‘खराब’ श्रेणी में रखा जाता है। बृहस्पतिर को यह 437 रहा था। यानी 24 घंटे के भीतर इसमें 158 अंक कम हो गए। यह बात अलग है कि अभी भी दिल्ली के 15 इलाके ऐसे हैं जहां का एक्यूआइ 300 के ऊपर बना हुआ है। लेकिन दिल्ली के वातावरण में छाई स्माग की चादर काफी हद तक साफ हो गई है।
दीपावली के बाद फिर बिगड़ेगी राजधानी की हवा
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा तैयार वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक वर्षा के चलते मिली यह राहत सिर्फ दो दिन तक रहने की संभावना है। शनिवार से प्रदूषण के स्तर में फिर से बढ़ोतरी होने की संभावना है। जबकि, दीवपाली के अगले 13 तारीख से हवा फिर से ‘गंभीर’ श्रेणी में चले जाने की संभावना है। प्रदूषण के स्तर में आगे होने वाला बदलाव काफी कुछ दीवाली पर होने वाली आतिशबाजी और पटाखों पर भी निर्भर करेगा।







