कुशीनगर में दिल दहलाने वाली घटना हुई है। पटहेरवा थाना क्षेत्र के अमवा श्रीदूबे गांव में आर्थिक तंगी से जूझ रहे दंपति ने बच्चों के साथ पेय पदार्थ में जहर मिलाकर पी लिया। इससे पति-पत्नी की मौत हो गई। बेटी का गंभीर अवस्था में इलाज चल रहा है। राहत की बात यह है कि मृत दंपति का बेटा पेय पदार्थ पीने से मना करते हुए वहां भाग निकला। पुलिस ने शवों का पंचनामा तैयार कर पीएम के लिए भेज दिया। अमवा श्रीदूबे निवासी रामप्रवेश गुप्ता की तीन संताने हैं। बड़ा बेटा अजीत कुमार गुप्त उम्र 32 वर्ष पहले मुंबई रहकर रोजगार करता था। जबकि दो बेटों की शादी अभी नहीं हुई है।
अजीत कोरोना के दौरान मुंबई से घर आने के बाद घर पर ही रहने लगा था। रोजगार नहीं मिलने के कारण कुनबा आर्थिक तंगी का शिकार हो गया। खेती बाड़ी भी नाममात्र की ही है। इसके चलते अजीत काफी तनाव में रहता था। मंगलवार की शाम अपने पत्नी सिंधू उम्र 30 वर्ष के साथ दवा खरीदने की बात कह कर दोनों घर से निकले। देर शाम लौटे तो ठंडा पेय पदार्थ की बोतल लेकर आये और अपने आठ वर्षीय बेटे अंश व दस वर्षीय बेटी नंदिनी को पत्नी सहित एक कमरे में बैठाकर ठंडा पिलाने लगा। हालांकि पत्नी ने बच्चों को ठंडा पीने से मना किया लेकिन नंदिनी गिलास उठाकर पी गयी।
इसके बाद दोनों पति पत्नी ने भी उसे पीया। इस दौरान अंश वहां से भाग गया। कुछ ही देर में तीनों की हालत गंभीर होने लगी तो परिजन उन्हें इलाज के लिए सीएचसी फाजिलनगर ले गये जहां से डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल जाते समय रास्ते में ही अजीत की मौत हो गई और पत्नी एवं पुत्री का इलाज जिला अस्पताल में होने लगा। बुधवार को सुबह पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। दूसरी ओर पुत्र के मौत की खबर सुनकर दिल के मरीज अजीत के पिता रामप्रवेश गुप्त की हालत भी गंभीर हो गई।
उन्हें इलाज के लिए गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भेजा गा है। माता ऊषा देवी बदहवास घर पड़ी हुई हैं। वह कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं। प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि दंपति ने पुत्री के साथ ठंडा में जहरीला पदार्थ मिलाकर पीया है। पति और पत्नी की मृत्यु हो गई है। पुत्री का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया है।
इंसफेलाइटिस होने के बाद मानसिक रूप से बीमार हो गया था अजीत
ग्रामीणों का कहना है कि अजीत को लगभग छह वर्ष पूर्व इंसेफेलाइटिस हुआ था। इलाज मेडिकल कालेज गोरखपुर में चला था। काफी दिनों बाद वह ठीक तो गया लेकिन इंसेफेलाइटिस के चलते उसका वह मानसिक संतुलन बिगड़ गया था। लोगों का कहना है कि आर्थिक तंगी के साथ इस घटना का कारण उसका मानसिक संतुलन भी हो सकता है।







