दरभंगा ब्लास्ट मामले की कमान एनआईए के हाथ में आते ही जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। एनआईए की टीम संदिग्ध आतंकी नासिर, सलीम और कफील को लेकर शामली जिले के कैराना पहुंची है। हालांकि सलीम और कफील को इससे पहले भी एनआईए टीम कैराना ला चुकी है। एनआईए की टीम ने कैराना में सलीम टुइयां और कफील के मकानों पर भी छापेमारी की। जांच पड़ताल के दौरान कैराना के खूरगान रोड स्थित एक मकान से एक संदिग्ध युवक को भी एनआईए की टीम ने हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
दरभंगा ब्लास्ट मामले में एनआईए शामली जिले के कैराना से अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि एनआईए की जांच-पड़ताल अभी जारी है। एनआईए टीम अभी कइयों से पूछताछ कर सकती है। आपको बता दें कि इससे पहले दो जून को एनआईए की टीम दरभंगा ब्लास्ट मामले के दो आरोपियों हाजी सलीम उर्फ टुईयां और कफील को लेकर कैराना पहुंची थी। उस समय कैराना कोतवाली में आमद करने के बाद लोकल पुलिस के साथ एनआईए की टीम ने कैराना स्थित जनपद न्यायालय में दोनों आरोपियों को जिला एवं सत्र न्यायधीश की कोर्ट में पेश करते हुए ट्रांजिट रिमांड की भी मांग की गई थी। रिमांड मिलने के बाद दोनों आरोपियों को अपने साथ लेकर टीम कैराना से रवाना हो गई।
17 जून को दरभंगा रेलवे स्टेशन पर हुआ था पार्सल ब्लास्ट
गौरतलब है कि गत 17 जून को बिहार के दरभंगा रेलवे स्टेशन पर पार्सल ब्लास्ट की घटना हुई थी जिसकी जांच अब एनआईए कर रही है। एटीएस व शामली पुलिस ने गत 23 जून को कैराना नगर के मोहल्ला बिसातियान आलखुर्द निवासी हाजी सलीम टुइयां व कफील को पकड़ लिया था। इनसे पूछताछ के बाद 2 दिन पहले हैदराबाद से कैराना के ही दो सगे भाई इमरान मलिक व नासिर खान को भी एनआईए की टीम ने गिरफ्तार किया था। दोनों के संबंध पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर ए-तैयबा के साथ बताए गए थे। शुक्रवार की दोपहर करीब 3 बजे एनआईए की चार सदस्यीय टीम डीएसपी आरके पांडेय के नेतृत्व में सलीम टुइयां व कफील को लेकर कैराना कोतवाली में पहुंची। जिसके बाद लोकल पुलिस को लेकर एनआईए की टीम कैराना स्थित जनपद न्यायालय में पहुंची। ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद टीम आरोपियों को लेकर लौट गई, जिन्हें पटना की कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस दौरान कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रेमवीर सिंह राणा, उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार के अलावा पुलिस व स्थानीय क्राइम ब्रांच भी मौजूद रही।







