• Home
  • Disclamer
  • Programs
  • Bank Details
  • Contact us
Janlok India Times news
Advertisement
  • होम
  • मुख्य समाचार
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • कश्मीर
    • जम्मू
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • सिक्किम
  • बड़ी खबरे
  • दिल्ली एनसीआर
  • कोरोना
  • विदेश
  • राजनीति
  • विशेष
  • Youtube Channel
  • Live Tv
  • More
    • स्वास्थ्य
    • व्यापार
    • खेल
    • मनोरंजन
    • राशिफल
No Result
View All Result
  • होम
  • मुख्य समाचार
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • कश्मीर
    • जम्मू
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • सिक्किम
  • बड़ी खबरे
  • दिल्ली एनसीआर
  • कोरोना
  • विदेश
  • राजनीति
  • विशेष
  • Youtube Channel
  • Live Tv
  • More
    • स्वास्थ्य
    • व्यापार
    • खेल
    • मनोरंजन
    • राशिफल
No Result
View All Result
Janlok India Times news
No Result
View All Result

पत्नी की आत्महत्या के लिए पति को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता, जानें किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने की यह बड़ी टिप्पणी

Janlok News Bureau by Janlok News Bureau
October 3, 2020
in बड़ी खबरें
0
पत्नी की आत्महत्या के लिए पति को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता, जानें किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने की यह बड़ी टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा है कि पत्नी के आत्महत्या करने पर यह मानकर नहीं चला जा सकता कि उसने खुदकुशी पति के उकसाने पर ही की है। इसके लिए स्पष्ट सबूत होने चाहिए जो दिखने वाले हों। इस मामले में यूं ही आत्महत्या के लिए उकसाने पर पति को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता। यह कहते हुए जस्टिस एनवी रमन की पीठ ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी पति को बरी कर दिया।

गुरचरण और उसके माता पिता को अपनी पत्नी की आत्महत्या के आरोप में आईपीसी की धारा 304बी, 498और 34 के तहत आरोपित किया गया था। हालांकि ट्रायल कोर्ट ने कहा कि आरोपियों को धारा 304बी और 498 के तहत दंडित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। लेकिन उन पर धारा 306 के तहत पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा चल सकता है। ट्रायल कोर्ट ने कहा कि विवाहित स्त्री की अपेक्षा होती है कि पति उसे प्यार और वित्तीय सुरक्षा देगा। यदि उसकी ये अपेक्षाएं जानबूझकर लापरवाही करके पति द्वारा तोड़ी जाती हैं, तो ये धारा 307 के तहत अपराध बनेगा और उसे धारा 306 के तहत दंड मिलेगा। पंजाब हाई कोर्ट ने पति की अपील खारिज कर दी और ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया था। पंजाब कोर्ट ने कहा था कि वैवाहिक घर में जो परिस्थितियां और माहौल बना था उनके कारण वह आत्महत्या के लिए मजबुर हुई।

इस फैसले को गुरचरण ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा कि आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई सीधा सबूत नहीं है। न ही ऐसा कोई सबूत है जिससे यह पता चलता हो कि पति और ससुराल पक्ष ने कोई प्रताड़ना की है। यह भी नहीं पता चल रहा है कि उन्होंने उसकी कौन सी विशेष अपेक्षा को तोड़ा जिससे वह अपने पति से इतना निराश हो गई थी। साथ ही यह भी नहीं सामने आया है कि पति ने उसकी जानबूझकर उपेक्षा की।

पीठ ने कहा कि सभी अपराधों में इरादे का होना जरूरी होता है। धारा 307 के तहत अपराध सिद्ध करने के लिए मानसिक इरादे का मौजूद होना जरूरी है, जिसमें अपराध विशेष को करने का इरादा हो। इसमें दिखाई देना चाहिए कि आरोपी का दुर्भावनापुर्ण मन था और उसने मृतक को आत्महत्या के लिए उकसाया। आत्महत्या के मामले में इस इरादे को मानकर नहीं चला जा सकता कि ये मौजूद होगा ही होगा। ये इरादा स्पष्ट होना चाहिए और दिखना चाहिए। इस मामले में ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट दोनों ने इस बिंदु की जांच नहीं की कि क्या ये इरादा पति के अंदर मौजूद था।

कोर्ट ने कहा कि पेश सबूतों से यह कहीं भी नहीं लगता कि पत्नी की देखभाल करने में पति ने कोई कसर बाकी रखी थी। या उसने ऐसा कोई काम किया जिससे पत्नी निराश हो गई हो। ये सबूत भी नहीं है कि वह पत्नी को लगातार प्रताड़ित करता था। ट्रायल और हाई कोर्ट ने एक अप्राकृतिक मौत पर बिना सबूतों के यह स्वयं मान लिया कि अपीलकर्ता आत्महत्या के लिए उकसाने का जिम्मेदार है। बिना ठोस सबूतों के ऐसा निष्कर्ष निकालना गलत है

Previous Post

एक और हाथरस कांड: अब MP में दलित महिला से गैंगरेप, पुलिस ने 3 दिन तक नहीं लिखी FIR, पीड़िता ने की खुदकुशी

Next Post

कोरोना काल में खाली खड़ी ट्रेनों का रखरखाव बढ़ा रहा है भारतीय रेलवे का खर्चा

Janlok News Bureau

Janlok News Bureau

Next Post
कोरोना काल में खाली खड़ी ट्रेनों का रखरखाव बढ़ा रहा है भारतीय रेलवे का खर्चा

कोरोना काल में खाली खड़ी ट्रेनों का रखरखाव बढ़ा रहा है भारतीय रेलवे का खर्चा

Browse by Category

  • Top News
  • Uncategorized
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • कथा-कहानी
  • कविता
  • कश्मीर
  • खेल
  • ग़ज़ल
  • जम्मू
  • दिल्ली एनसीआर
  • पश्चिम बंगाल
  • बड़ी खबरें
  • बिहार
  • मध्य प्रदेश
  • मनोरंजन
  • मनोरंजन
  • महाराष्ट्र
  • महिला
  • मीडिया
  • मुख्य समाचार
  • युवा
  • राजनीति
  • राजस्थान
  • राज्य
  • राशिफल
  • विदेश
  • विशेष
  • वीडियो गैलरी
  • व्यंग्य
  • व्यापार
  • सिक्किम
  • स्वास्थ्य
  • हरियाणा
  • हिमाचल प्रदेश
  • Home
  • Disclamer
  • Programs
  • Bank Details
  • Contact us

Copyright © 2020 Janlokindiatimes.com | This is Owned By Janlok India Times

No Result
View All Result
  • होम
  • मुख्य समाचार
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • कश्मीर
    • जम्मू
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • सिक्किम
  • बड़ी खबरे
  • दिल्ली एनसीआर
  • कोरोना
  • विदेश
  • राजनीति
  • विशेष
  • Youtube Channel
  • Live Tv
  • More
    • स्वास्थ्य
    • व्यापार
    • खेल
    • मनोरंजन
    • राशिफल

Copyright © 2020 Janlokindiatimes.com | This is Owned By Janlok India Times